Gain confidence and get self motivated

Keeping your holistic health care in check | Zyla Health

Hello, my name is Yagyapurna. I want to share my story with you. Talking about being social, I did not like to go out anywhere since my childhood. All the people in the house went out and I used to stay alone in the house only because of the fact that I never liked going especially to gatherings or functions. I used to be conscious all the time thinking "What will I say?" "What will everyone think of me?" I connected to Zyla for my issues, there I had therapy sessions with Clinical Therapist. That is when I got to know about the root cause of my ongoing issues. During these sessions, I came to know that my self-confidence was very low. My therapist understood my point and then we discussed the issues in detail. Starting from where all these started and what are the effects of these issues in the present. Small activities were given to me to overcome my issues. I have a habit of taking the pressure of completing the given task in the given time period. I used this trait of mine to my benefit. Now I do not feel hesitant to go out and talk to people. I feel more confident now. Today, when I went to the Family Function after 10 years, all my relatives there were so surprised and happy at the same time to see me.
Now let's talk about my health. My health is better than before and now I do not have hypoglycemia and my BP is also very much managed, which was the matter of concern to me and my family. Earlier, I did not know how to manage my health as I was living with this for a really long time, still, could never figure out what was I doing wrong. Dr. Priyanka Paul explained to me about my health in a very detailed way. She explained to me what changes I have to do in my lifestyle and in my nutritional intake. I do not have hypoglycemia episodes frequently now which were very common before.
Everything is possible. You have to decide whether you would let a situation break you or make you. I used my personality trait in my favor and did what was the right thing to do.

-Yagyapurna

मेरे आत्मविश्वास पर मैंने कैसे विजय पायी

हैल्लो मेरा नाम यज्ञपूर्णा है I मैं आपके साथ अपनी कहानी शेयर करना चाहती हूं I यदि बात करें मेरे सोशल होने की, तो मैं शुरू से, कहीं भी बाहर जाना पसंद नहीं करती थी I घर के सब लोग बाहर जाते और मैं घर में अकेले ही रहती थी I एक डर सा लगता था, सबसे मिलने में I ऐसा लगता था की मैं क्या बोलूँ, क्या बात करूँ? मैं Zyla से जुड़ी और वंहा मेरे सेशंस क्लीनिकल थेरेपिस्ट प्रतिष्ठा से हुए I सेशंस में रुट कॉज जानने के लिए डिसकशंस होते थे I इन्ही सेशंस के दौरान मुझे पता चला की मेरा सेल्फ कॉन्फिडेंस काफी कम था I मेरी थेरेपिस्ट मेरी बात समझती और फिर प्रॉब्लम डिसकस करती I इन से निकलने के लिए मुझे छोटी छोटी एक्सरसाइजेज बताई जाती I सेशंस के दौरान मुझे जो बोला जाता था में उसका प्रेशर फील करती थी, इस प्रेशर को मैंने अपने हित में लिया और जैसा थेरेपिस्ट ने गाइड किया, मैने धीरे धीरे आस-पास बाहर जाना शुरु किया I अब मैंने बाहर बड़ी गेदरिंग में जाना भी स्टार्ट किया और अब मुझे बाहर जाकर लोगों के साथ बात करने में कोई झिझक महसूस नहीं होती और इससे मेरा कॉन्फिडेंस भी बड़ा है I आज जब मैं 10 साल बाद फॅमिली फंक्शन में गई, तब वहाँ सारे रिश्तेदारों ने मुझे ख़ुशी से गले लगा लिया I
अब बात करते हैं मेरी हेल्थ की I मेरी हेल्थ पहले से काफी बेहतर है और अब मेरी शुगर भी ठीक रहती है और बी.पी भी I मेरा खान-पान भी पहले से बहुत बेहतर हो गया है और अब मुझे हाइपोग्लाइसीमिया भी नहीं होता, जो कि पहले बहुत होता था I पहले मुझे नहीं पता था की मुझे अपनी हेल्थ कैसे मैनेज करनी है I मेरा हफ्ते में एक बार हाइपोग्लाइसीमिया होना तय था और बी.पी हमेशा नीचे रहता था I डॉक्टर प्रियंका पॉल ने मुझे मेरी हेल्थ के बारे में काफी गहराई से समझाया और पूरी जानकारी दी दवाइयों के साथ साथ मेरी दिनचर्या के बारें में I उन्होंने मुझे समझाया की मुझे अपने खाने में क्या क्या परिवर्तन लाने है I पिछले 4 हफ्तो में मुझे हाइपोग्लाइसीमिया होना बहुत कम हो गया और मैं काफी इस्फुरती का एहसास करती हूँ I
इंसान चाहे तो कुछ भी मुमकिन कर सकता है, बस मन में विश्वास और कोई सही दिशा दिखाने वाला होना चाहिए I किसी भी परिस्थिति को हम अपने अनुसार ढाल सकते हैं I मेरे प्रेशर को मैंने अपने हित में लिया, मैंने अपने आपको टूटने नहीं दिया, बल्कि एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर अपनी परिस्थितियों पे विजय हासिल की I

-यज्ञपूर्णा